तमिलनाडु सरकार ने पोंगल के खास मौके पर पूरे राज्य में 5 दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश 14 जनवरी से लेकर 19 जनवरी तक रहेगा, जिसमें सभी स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। पोंगल के साथ-साथ तिरुवल्लुवर दिवस (15 जनवरी) और उझावर थिरुनल उत्सव (16 जनवरी) भी मनाए जाएंगे, जिससे इस अवधि में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस फैसले से राज्यभर में छात्रों और सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
प्रेस रिलीज में क्या है खास?
तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि विभिन्न वर्गों की मांगों को ध्यान में रखते हुए 17 जनवरी को भी छुट्टी घोषित की गई है। सरकार का यह कदम पोंगल के उत्सव को और भी खुशीमय बनाने और सरकारी कर्मचारियों तथा छात्रों को आराम देने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार ने कहा कि पोंगल की शुरुआत 14 जनवरी से होगी और इस दौरान 15, 16, 18 और 19 जनवरी को भी छुट्टियां होंगी।
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10 दिन की लंबी छुट्टी का लाभ
इस छुट्टी के कारण छात्रों और सरकारी कर्मचारियों को लगभग 10 दिन का लंबा अवकाश मिलेगा। 11 जनवरी को शनिवार और 12 जनवरी को रविवार होने के कारण छुट्टियां पहले से ही शुरू हो जाएंगी। 13 जनवरी को भोगी पर्व का अवकाश रहेगा और फिर 14 से 19 जनवरी तक घोषित अवकाश रहेगा। इस प्रकार, 11 से 19 जनवरी तक एक लंबा ब्रेक मिलेगा, जो खासकर छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत भरा होगा।
सरकारी दफ्तरों का 25 जनवरी को खुलना
तमिलनाडु सरकार ने 17 जनवरी को घोषित अतिरिक्त अवकाश के बदले 25 जनवरी को वर्किंग डे घोषित किया है। यह कदम पोंगल के दौरान यात्रा को सुविधाजनक बनाने और परिवारों के लिए त्योहार का आनंद बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। 25 जनवरी को वर्किंग डे रखने से सरकारी कार्यालयों में कार्य संतुलन सुनिश्चित होगा।
पोंगल का सांस्कृतिक महत्व
पोंगल तमिलनाडु का सबसे महत्वपूर्ण और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध त्योहार है। यह फसल कटाई का पर्व है, जिसे धान और गन्ने की खेती करने वाले किसान बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इस दौरान लोग अपने घरों को सजाते हैं, पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं, और परिवार के साथ समय बिताते हैं। यह त्योहार तमिलनाडु की संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
लंबी छुट्टियों का आर्थिक और सामाजिक असर
तमिलनाडु में इस लंबे अवकाश से न केवल छात्रों और कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन और परिवहन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। लोग अपने गृहनगर या पर्यटन स्थलों पर जाने की योजना बनाएंगे, जिससे होटल, यात्रा और स्थानीय व्यवसायों को फायदा होगा। इस अवकाश से सामाजिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टिकोण से लाभ होगा।
छात्रों पर असर
छात्रों के लिए यह लंबा अवकाश उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा। त्योहार के दौरान परिवार के साथ समय बिताने से उनके रिश्ते मजबूत होंगे और पढ़ाई से एक अच्छा ब्रेक मिलेगा। यह छुट्टी छात्रों को अपनी ऊर्जा को फिर से हासिल करने का मौका देगी, जिससे वे नए सिरे से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
तमिलनाडु सरकार द्वारा पोंगल के मौके पर दी गई 5 दिन की छुट्टी राज्य के छात्रों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। यह फैसला उनके स्वास्थ्य और भलाई को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके साथ ही, पोंगल के दौरान राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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